Home Medicine भी हैं अनार के लाल दाने

Home Medicine Pomegranate also has red seeds

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Home Medicine : अनार एक अत्यंत स्वादिष्ट एवं पौष्टिक फल है। आयुर्वेद में प्राचीन काल से इसका प्रयोग औषधि के रूप में होता आया है। आयुर्वेद के लगभग सभी ग्रंथों में इसके गुणों की चर्चा की गई है। इसको त्रिदोषनाशक, दीपक, हृदय के लिए गुणकारी, संग्रहणी, अतिसार, वमन, तृष्णानाशक, पौष्टिक, बल-वीर्यवर्द्धक तथा शक्तिवर्द्धक कहा गया है।

अनार (Pomegranate) की प्रकृति के अनुसार खट्टा, खट्टा-मीठा तथा मीठा, तीन प्रकार होते हैं।देसी अनार एवं कंधारी अनार के रूप में ये मिलते हैं। खट्टा अनार वात तथा कफ का नाश करता है। अधिक खाने से रक्तपित्त करता है, खांसी बढ़ाता है। हाजमा ठीक करता है। खट्टा-मीठा अनार हाजमा ठीक करता है।

तुरंत रक्त बढ़ता है (Home Medicine Pomegranate)

लाल दाने वाले कंधारी अनार के सेवन से तुरंत रक्त बढ़ता है और शक्ति-बल बढ़ता है। मीठा देसी ‘बेदाना‘ अनार एक अच्छी किस्म है जो हर रोग में लाभकारी है। बुखार, मलेरिया, टायफाइड आदि के रोगी को इसका रस दिया जाता है। हृदय को ताकत प्रदान करने में भी इसका कोई जवाब नहीं है।

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उच्च रक्तचाप में लाभप्रद (Home Medicine Pomegranate)

सर्दी की प्रकृति और रोग को छोड़कर यह सब में पथ्य है। हृदय रोगों जैसे उच्च रक्तचाप में तो यह बहुत लाभप्रद होता है। इसके योग वायु गोला, अग्निमांद्य आदि में अत्यंत लाभप्रद हैं। विश्व प्रसिद्ध लवण-भास्कर चूर्ण में इसका खास योग है। दाड़िमास्टक चूर्ण, दाड़िमावलेह, दाड़िमाद्य घृत आदि में इसका प्रयोग प्रचुर मात्रा में होता है।

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विभिन्न रोगों में अनार की उपयोगिता (Home Medicine)

  1.  100 ग्राम अनार के दाने में दाल चीनी, इलायची, तेजपत्ता (सभी 50-50 ग्राम) तथा मिश्री 100 ग्राम मिलाकर चूर्ण बना लें। पांच ग्राम की मात्रा में इस चूर्ण को दिन में तीन बार तक सादे जल के साथ लेने से सीने में जलन, अरूचि, मन्दाग्नि, अपच, पेट फूलना आदि तकलीफें दूर हो जाती हैं।
  2. अनार की छाल 100 ग्राम तथा जीरा 50 ग्राम को लेकर महीन चूर्ण बना लें। एक-एक चम्मच चूर्ण दिन में तीन बार तक शीतल जल के साथ लेते रहने से पतले दस्त बंद हो जाते हैं।
  3. अनार की पत्ती 5 ग्राम, काला जीरा 3 ग्राम के अनुपात में पीसकर दिन में तीन बार तक देने से संग्रहणी एवं आंव के कष्ट दूर हो जाते हैं।
  4. अनार के फल के छिलकों का चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में दिन में तीन बार देने से खूनी बवासीर में लाभ होता है। बार-बार पेशाब होने, प्रमेह रोगों में अनार की कली, कत्था, तथा बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर पीस लें। एक-एक चम्मच दिन में दो बार तक लेने से आराम हो जाता है।

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  5. सूखा अनारदाना पानी में भिगो दें और तीन-चार घंटे बाद इस जल को थोड़ा-थोड़ा मिश्री मिलाकर कई बार पिलाने से उल्टी, जलन, अधिक प्यास आदि दूर होते हैं। अधिक प्यास लगने, जी मिचलाने आदि में अनार के रस में आधा नींबू निचोड़कर पियें।
  6. अनार के फूल 20 ग्राम, जावित्राी 5 ग्राम, दालचीनी 10 ग्राम, धनिया 10 ग्राम, कालीमिर्च 5 ग्राम, सबको पीसकर चैथाई से आधा चम्मच शहद के साथ देने पर बच्चों का अतिसार (अधिक दस्त) मिट जाता है।
  7. अनार के फूल और दूब को बराबर मात्रा में पीसकर मिश्री के साथ दिन में दो-तीन बार तक 2-2 चम्मच की मात्रा में देने से नाक से खून निकलना (नकसीर) बंद हो जाता है।

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  8. अनार के जड़ की छाल 50 ग्राम को 250 ग्राम पानी में उबालकर जब वह 50 ग्राम बचे तो उसे बासी मुंह पिलाते रहने पर तीन दिनों में ही पेट के सभी कीड़े निकल जाते हैं। जुकाम में अनार के पत्तों को गुड़ में पीसकर जंगली बेर जैसी गोली बना लें। गोली को दिन में तीन बार चूसने से आराम होता है।
  9. अनार के फूल दस ग्राम, कत्था दस ग्राम, कपूर एक ग्राम को पान के रस के साथ घोंटकर बड़े चने के बराबर गोली बना लें। एक-एक गोली दिन में चार बार तक चूसने पर खांसी, श्वांस रोग नष्ट होते हैं।
  10. पुराने दाद पर अनार के पत्तों को पीसकर लेप करें। बिच्छू, मधुमक्खी, बर्रे आदि के काटने पर अनार के पत्तों को पीसकर तुरन्त लेप कर दें। आंखों में जलन होने पर अनार का रस डालें। दांतों से, मसूढ़ों से खून आता हो तो अनार के फूलों का मंजन करने से आराम होता हैं।
  11. अनार के फल के छिलके, हल्दी एवं लोध्र को महीन पीसकर इसको उबालें और इसकी भाप को चेहरे पर लगाएं। इससे चेहरे के मुंहासे, झाइयां व कील नष्ट होते हैं। फल के छिलके को उबालकर उस पानी से घावों को धोने से वे शीघ्र भरते हैं।

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R. Singh

Name: Rajesh Kumar Gender: Male Years Of Experience: 15 Years Field Of Expertise: Politics, Culture, Rural Issues, Current Affairs, Health, ETC Qualification: Diploma In Journalism

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