Health Conscious Tips : अच्छे स्वास्थ्य हेतु सावधानियाँ
Health Conscious Tips: Precautions for good health

Health Conscious Tips : वर्तमान दूषित वातावरण में अपने स्वास्थ्य की रक्षा करना हमारा सबसे बड़ा दायित्व बन गया है। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण से सारा वातावरण दूषित है। खासकर प्रदूषण रहित पीने का पानी का मिलना बड़ा कठिन है।गाँवों में कुओं को ढक कर नहीं रखा जाता और शहरों में पानी के पाइप फटे रहते हैं जिनसे होकर कीटाणु पानी में मिलकर हमारे शरीर में प्रवेश कर रहे हैं। फलतः कई बीमारियां हमारे शरीर में घर कर रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संघ के अनुसार 90 प्रतिशत बीमारियां पीने के पानी की अस्वच्छता के कारण होती हैं।
बीमार पड़ने पर हम दवा ले लेते हैं। दवाएं बीमारी को तो दूर कर देती हैं, मगर समस्या वहीं की वहीं बनी रहती है। लोग पानी को साफ रखने के बजाय और अधिक गंदा करते रहते हैं। नदियों, जलाशयों के किनारे साबुन आदि से स्नान कर जल को दूषित करते हैं। इसके अलावा नित्यकर्म आदि कर तालाबों, पोखरों में साफ करते है, फिर उसी पानी का उपयोग करते रहते हैं।
गांवों को अगर छोड़ दें तो नगरों में भी शौचालयों की समुचित व्यवस्था नहीं है। लोग सार्वजनिक स्थानों पर ही मलमूत्र, थूक आदि त्याग करते रहते हैं। शहरों के कई होटलों में सभी प्लेट एक ही बाल्टी या बरतन में धोते हैं और उसी से धोते रहते हैं। इस प्रकार हम रोगों और महामारियों को खुला आमंत्रण दे रहे हैं।
वायु प्रदूषण का प्रकोप (Health Conscious Tips)
वायु प्रदूषण से शहर तो त्रस्त थे ही, अब गांवों में भी इसका प्रकोप नजर आ रहा है। ध्वनि प्रदूषण से विशेषकर नगरों और बड़े शहरों में इतना शोरगुल है कि जीना दूभर हो गया है। कारखानों और फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं भी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। धुएं में मिली जहरीली गैसें हमारे फेफड़ों को खोखला करती जा रही है। मध्यम या निम्नवर्गीय लोग इससे अधिक प्रभावित हैं।
Personality Development : व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने के 9 आसान तरीके
वातावरण में बदलाव करें (Health Conscious Tips)
इन सब समस्याओं का समाधान दवाएं खाकर ठीक हो जाने से ही नहीं होता। दवाएं हमें स्थायी रूप से कभी ठीक नहीं कर सकती। रोगों से मुक्ति तभी पाई जा सकती है जब हम खाने में, वातावरण में बदलाव करें। अगर यह संभव न हो तो भी व्यायाम, योगासन और संतुलित भोजन आदि कर बहुत सी बीमारियों पर जीत पाई जा सकती है। योग विद्या मूलतः हमारे देश की देन है, जिसका उपयोग कर कई पाश्चात्य देश स्वास्थ्य लाभ कर रहे है।
कैसा हो आपका भोजन (Health Conscious)
भोजन में हम अगर जरा सा ध्यान दे तो हम अस्वस्थ नहीं हो सकते। भोजन ऐसा हो जो हमें मानसिक और शारीरिक तौर पर स्वस्थ रखे। दूध, अण्डे, हरी सब्जी व विटामिन युक्त फलों में जितना प्रोटीन और खनिज लवण होता है, उतना फास्ट फूड, दवाइयों और विटामिन की गोलियों में नहीं होता। उदाहरण के लिए सोयाबीन में 47 प्रतिशत प्रोटीन समाहित है। नींबू विटामिन ए, बी, सी और डी युक्त है। रंगीन पेय के बजाय फलों का रस अधिक उत्तम होता है।
Health Tips : जानें एनीमिया के लक्षण-उपचार और महिलाएं क्यों हो जाती है इसकी शिकार
हंसिए, खुश रहिए (Health Conscious Tips)
आजकल कुछ रोग मनोवैज्ञानिक कारणों से उत्पन्न हो रहे जैसे तनाव, चिंता, भय, उदासी से भी लोग रोगग्रस्त हो जाते हैं। इनका इलाज मानसिक तौर पर करना पड़ता है। क्रोध के कारण उच्च रक्तचाप दिल का दौरा पड़ना आदि समस्याएं प्रकट होती हैं। इसलिए वही स्वस्थ है जो हंसता है। आमोद-प्रमोद करते रहना चाहिए। जहाँ तक हो सके, हंसिए, खुश रहिए। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि एक स्वस्थ शरीर में एक स्वस्थ दिमाग वास करता है।
मानसिक तनाव से बचें (Health Conscious)
आज जीवन की रफ्तार बढ़ गई है। आदमी हर समय काम में उलझा रहता है लेकिन स्वास्थ्य की कीमत पर भी काम नहीं करना चाहिए। जब भी मौका मिले, दिमाग को आराम करने दें। मानसिक तनाव से बचें। इस प्रकार यदि हम थोड़ी सावधानी और संयम से रहें तो बीमारियां हमें छू भी नहीं सकती।
Click Here : Join WhatsApp Group | Like Facebook Page



