Thyroid Problem : जानिये थायराइड के बारे में

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Thyroid Problem - Know about Thyroid
Thyroid Problem – Know about Thyroid

Thyroid Problem : हृदय रोग व डायबिटीज़ (Heart Disease and Diabetes) के बाद सबसे बड़ी संख्या में होने वाला रोग है थायराइड। इस बीमारी के लक्षणों को इतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता क्योंकि ये लक्षण आयु बढ़ने के साथ व रजोनिवृत्ति के समय ही पाए जाते हैं। इसी कारण से इस बीमारी के होने का पता नहीं चल पाता। पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं में थायराइड रोग अधिक देखने को मिलता है।

थायराइड (Thyroid ) एक छोटा सा ग्लैंड होता है जो गले में सांस की नली के ऊपर स्थित होता है। यह ग्लैंड तितली के आकार का होता है। इसका कार्य रक्त में से आयोडीन को लेना है जिससे यह दो हार्मोन थायरोक्सीन और ट्रायाडोथायरोनाइन उत्पादित करता है। ये हार्मोन शरीर के हर हिस्से व हर सेल को एनर्जी पहुंचाने में नियंत्राण का कार्य करते हैं।

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आयोडीन के अभाव से Thyroid Problem

जब यह ग्लैंड काम करना बंद कर देता है या आवश्यकता से अधिक कार्य करता है तो समस्या होती है। अधिकतर रोगियों में हायपोथायराइड पाया जाता है। इसके होने के कारण हैं भोजन में आयोडीन का अभाव। इसका एक और कारण है आॅटो इम्यून डिसआर्डर। इसको हाशिमोटो रोग भी कहा जाता है। यह नाम एक जापानी विशेषज्ञ के नाम से पड़ा है जिन्होंने 1912 में पहली बार इस रोग को पहचाना।

महिलाओं में Thyroid Problem

कई बार यह रोग महिलाओं में बच्चा पैदा होने के पश्चात् भी हो जाता है परन्तु यह अस्थायी होता है व इसके लिए किसी इलाज की जरूरत नहीं पड़ती। अधिक से अधिक इसके इलाज के लिए महिला को थायराइड हार्मोन लेना पड़ता है। इसके अतिरिक्त हाइपोथायराइड का कारण वायरल बुखार, रेडिएशन थेरेपी या कुछ दवाइयां जैसे लीथियम, हृदय रोगों में ली जाने वाली दवाइयां एमीयोड्रोन आदि हो सकती हैं। रेडियेशन थेरेपी (radiation therapy) सिर या गले के कैंसर की संभावना को अधिक करती हैं।

सही समय पर इलाज

कारण कोई भी हो परन्तु इसके कारण चेहरे पर सूजन, वज़न बढ़ जाना, थकान, सर्दी लगना, एकाग्रता कम होना आदि समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। कभी-कभी तो यह रोग होने पर त्वचा रूखी, नाखूनों का जल्दी टूटना, बालों का झड़ना, बाल गिरना, मांसपेशियों में दर्द, कब़्ज़, हृदय गति का धीमा होना आदि लक्षण पाए जाते हैं। इसके कारण महिलाओं में मासिकस्राव बहुत अधिक व समय से अधिक होता है। अगर इस रोग का सही समय पर इलाज न किया जाए तो महिला को गर्भपात, समय पूर्व प्रसव व गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है।

Thyroid Problem : डिप्रेशन की समस्या

इस रोग से डिप्रेशन की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। अमेरिका में हुए एक शोध के अनुसार मानसिक तनाव का संबंध थायराइड हार्मोन्स का कम उत्पादित होना है परंतु डिप्रेशन के रोगी थायराइड परीक्षण नहीं कराते जिससे इस रोग का पता नहीं चल पाता। सही इलाज के द्वारा इस रोग पर नियंत्राण पाया जा सकता है परन्तु इसमें समय लगता है।

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थायराइड हार्मोन अधिक होने से हड्डी टूटने की संभावना

अगर यह थायराइड हार्मोन अधिक हो तो ओस्टिोपोरोसिस, हड्डी टूटने की संभावना अधिक हो जाती है। इसके इलाज में थायराइड हार्मोन दवा दी जाती है परन्तु कभी-कभी दवा की अधिक मात्रा लेने से हाथों का कांपना, हृदय गति तेज़ होना आदि समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसा होने पर तुरंत डाॅक्टर को दिखाएं ताकि वह दवा की सही मात्रा का निर्धारण कर सके।

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हाइपोथायराइड की समस्या (Thyroid Problem)

अगर हाइपोथायराॅइड का इलाज नहीं किया जाए तो हाइपोथायराइड की समस्या हो सकती है। इस रोग के इलाज में सबसे ज़रूरी है सही मात्रा में दवा लेना। दवा की अधिक मात्रा या कम मात्रा अन्य समस्याएं उत्पन्न कर सकती है। हाइपरथायराइड का कारण भी आटोइम्यून डिसआर्डर है जिसे ग्रेवस रोग के नाम से जाना जाता है। यह नाम एक आयरिश विशेषज्ञ के नाम से दिया गया है जिसने सर्वप्रथम इस रोग के लक्षणों को पहचाना।

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थायराइड के लक्षण (Thyroid Problem Symptoms)

इस रोग के होने के लक्षण हैं घबराहट, चिडचिड़ापन, हृदयगति का तेज होना, अधिक पसीना आना, मांसपेशियों का कमज़ोर होना, नाखूनों का कमज़ोर होना, वजन कम होना, बालों का गिरना और महिलाओं को कम मात्रा व कम समय में रक्तस्राव होना आदि। इस रोग से पीड़ित कई लोगों में आंखों की बीमारियां भी हो जाती हैं जैसे आंखें लाल होना, खुजली होना, आंखों में सूजन आदि। इस रोग के इलाज में विभिन्न तरीकों को अपनाया जाता है जैसे दवाइयां जिससे हार्माेन के उत्पादन को रोका जा सके या सर्जरी का प्रयोग करके ग्याॅटर को निकाल दिया जाता है। यह सर्जरी आमतौर पर आसान व सुरक्षित होती है।

Thyroid Problem का पता

थायराइड रोग का पता खून के परीक्षण से चलता है। डाॅक्टर उन लोगों को थायराइड का परीक्षण कराने की सलाह देते हैं जिन्हें थकान, आदि होने की लगातार शिकायत रहती है। यदि आपको भी यह समस्याएं हैं तो डाक्टर से परामर्श करके उचित इलाज कराएं।

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R. Singh

Name: Rajesh Kumar Gender: Male Years Of Experience: 15 Years Field Of Expertise: Politics, Culture, Rural Issues, Current Affairs, Health, ETC Qualification: Diploma In Journalism

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