Restricted OTT platforms : ‘सॉफ्ट पॉर्न’ कंटेंट पर सरकारी शिकंजा, कई ओटीटी ऐप्स पर प्रतिबंध

प्रतिबंधित OTT प्लेटफॉर्म्स की सूची यहां देखे

Restricted OTT platforms: Government crackdown on 'soft porn' content, ban on many OTT apps
Restricted OTT platforms: Government crackdown on ‘soft porn’ content, ban on many OTT apps

Restricted OTT platforms : केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन अश्लीलता और सॉफ्ट पॉर्न कंटेंट पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने उल्‍लू ऐप, ऑल्‍ट, देसी फ्लिक्स और बिग शॉट्स जैसे कई ओटीटी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है।

आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का आरोप

इन प्लेटफार्मों पर नियमों के उल्लंघन और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप लगाए गए हैं। मंत्रालय ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश देते हुए 25 वेबसाइटों को तुरंत प्रभाव से ब्लॉक करने का आदेश दिया है। इन वेबसाइटों पर ‘इरॉटिक वेब सीरीज’ के नाम पर सॉफ्ट पॉर्न और वयस्क सामग्री उपलब्ध कराने की शिकायतें मिली थीं।

नियमों की अनदेखी

सरकारी सूत्रों के अनुसारए इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने आईटी एक्ट और डिजिटल मीडिया से जुड़े नियमों का गंभीर उल्लंघन किया है। ये प्लेटफॉर्म बिना किसी सेंसर या वर्गीकरण के अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण कर रहे थेए जो समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। मंत्रालय को कई शिकायतें मिली हैं कि ये ऐप्स युवाओं को लक्षित करते हुए इरॉटिक सीरीज के नाम पर पोर्नोग्राफिक सामग्री पेश कर रहे हैं।

पहले भी हुई थी कार्रवाई

यह ध्यान देने योग्य है कि मार्च 2025 में सरकार ने इसी तरह की कार्रवाई करते हुए 19 वेबसाइटोंए 10 मोबाइल ऐप्स और 57 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया था। उस समय भी इनसे संबंधित अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसारण के खिलाफ शिकायतें की गई थीं।

सरकार के फैसले का स्वागत

साइबर कानून के विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम डिजिटल प्लेटफार्मों को जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ओटीटी प्लेटफार्मों पर नियंत्रण को लेकर लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि इन पर सेंसर बोर्ड जैसी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था कार्रवाई करने का आदेश

ज्ञात हो कि अप्रैल में सर्वोच्च न्यायालय ने ओटीटी और सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली एक याचिका का जवाब दिया था। कोर्ट ने कहा था कि यह हमारा अधिकार क्षेत्र नहीं हैए आप कुछ करें। हालांकिए न्यायाधीशों ने कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दियाए जिसमें सॉलिसिटर जनरल ने मौजूदा नियमों और विचाराधीन अन्य उपायों का उल्लेख किया।

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प्‍लेस्‍टोर और ऐप स्‍टोर से हटाने होंगे बैन हुए ऐप्‍स

सरकार के बैन के आदेश के बाद अब गूगल और ऐपल को अपने ऑनलाइन स्‍टोर्स से इन ऐप्‍स को हटाना होगा। वेबसाइटों के यूआरएल को भी ब्‍लॉक कर दिए जाएंगे। सरकार का कहना कि इन ऐप्‍स के कारण्र बच्‍चों तक आसानी से अश्‍लील कंटेंट पहुंच रहा था। जिसासे बच्चों पर पर गलत असर हो सकता था।

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अब देखने यह होगा की सरकार की कार्रवाई के बाद ऐप्‍स चलाने वाली कंपनियों का क्‍या रुख रहता है। अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ऐप मेकर की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। आपको बता दें कि यह कार्रवाई नए आईटी नियमों के तहत की गई है।

Restricted OTT Platforms की सूची

  1. उल्लू  (ULLU)
  2. ऑल्ट (ALTT)
  3. बिग शॉट्स ऐप (Big Shots App)
  4. जलवा ऐप
  5. वॉव एंटरटेनमेंट
  6. लुक एंटरटेनमेंट
  7. हिटप्राइम
  8. फेनियो
  9. शोएक्स
  10. सन टॉकीज
  11. फूड ऐप
  12. बुल ऐप
  13. देयर इज़ अ टीवी
  14. हॉटएक्स वीआईपी
  15. डेसिफ्लिक्स
  16. बूमएक्स
  17. लाइट शिप
  18. गुलाब ऐप
  19. रन अवे
  20. मोजफ्लिक्स
  21. हलचल ऐप
  22. मूडएक्स
  23. नियॉनएक्स वीआईपी
  24. ट्राइफ्लिक्स

R. Singh

Name: Rajesh Kumar Gender: Male Years Of Experience: 15 Years Field Of Expertise: Politics, Culture, Rural Issues, Current Affairs, Health, ETC Qualification: Diploma In Journalism

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