Health Tips : जानें जब नींद न आए तो क्या करें
Health Tips: Know what to do when you can't sleep

अनिद्रा का रोग आज के आपाधापी वाले मशीनी युग में बढ़ता ही जा रहा है। नर्म बिस्तर पर लेटकर भी उसे नींद नहीं आती क्योंकि उसका दिमाग आज के बनावटी जीवन, भौतिक वस्तुओं के पीछे अंधी दौड़, छल-कपट, कूटनीति व चालबाजी में ग्रस्त रहता है। बुढ़ापा, बीमारी और असुरक्षा का भय उसे अलग घेरे रहता है। नींद न आने से वह और परेशान हो उठता है। इस तरह यह एक दुष्चक्र बन जाता है।
नींद न आने पर भी अक्सर लोग काम्पोज की गोली लेकर सोने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग इस दवा के इस तरह आदी हो जाते हैं कि उन्हें बगैर काम्पोज के नींद ही नहीं आती। अनिद्रा की बीमारी का उपचार काम्पोज नहीं वरन हमें इसकी जड़ देखनी चाहिए कि आखिर नींद जो एक नैसर्गिक प्रक्रिया है, क्यूं नहीं आती।
नींद की गोलियों के नुकसान
दरअसल नींद प्रकृति का व्यक्ति के दिनभर के कार्यकलापों से क्षीण होती बैटरी को रिचार्ज करने का एक बढ़िया सिस्टम है। प्रकृति के नियमों के साथ छेड़छाड़ इंसान के हक में फायदेमंद नहीं। नींद की गोलियों की बात ही लें तो हम देखेंगे इसके कितने दुष्परिणाम हो सकते हैं। ये एक तरह से धीमी गति से लिया जाने वाला विष हैं। ये व्यक्ति को समय से पूर्व बूढ़ा ही नहीं बना देती बल्कि मृत्यु के कगार पर ले जाती हैं।
बिस्तर का सही होना बहुत जरूरी
कुछ बातों को अगर ध्यान में रखा जाये तो काफी हद तक इस रोग से बचा जा सकता है। बिस्तर का सही होना बहुत जरूरी है। ऊंचे तकिये से गर्दन का दर्द तथा स्पांडिलाइटिस हो सकता है। बगैर तकिए सोया जाए तो अच्छा है या फिर नर्म और नीचा तकिया लगायें। बिस्तर पर अपनी सुविधानुसार लेटें मगर हाथ-पैर बिल्कुल रिलेक्स रहें। दिनभर की परेशानी, दुख-तकलीफ, आशंकाएं और नकारात्मक विचारों को त्याग दें।
पलक झपकनें में पलकें झपक जाएंगी
कभी कोई प्राकृतिक सौंदर्य वाली जगह गये हों तो उसकी याद ताजा कर लें या जीवन के कोई हसीन लम्हे या किसी आत्मीय का मधुर वार्तालाप याद करें। किसी खूबसूरत, गजल, कविता, गीत की पंक्तियां दोहराई जा सकती हैं। कोई धार्मिक श्लोक, हनुमान चालीसा या कोई ऐसी ही ईश्वरीय प्रार्थना दोहराई जा सकती है। और कुछ न बने तो उल्टी या सीधी गिनती ही गिन लें और देखिए चमत्कार। पलक झपकनें में पलकें झपक जाएंगी।
गर्म पेय सर्दियों में लेना बहुत लाभप्रद
शयन से पूर्व कोई गर्म पेय सर्दियों में लेना बहुत लाभप्रद होता है। जो लोग दूध पीने के आदी हैं, वे दूध ले सकते हैं नहीं तो हल्की चाय या काॅफी ली जा सकती है। आहार पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। संतुलित आहार लिया जाना चाहिए। नाश्ता डट कर करें लेकिन रात्रि का भोजन हमेशा हल्का रखें। भूख से कुछ कम ही खायें।
अनिद्रा का एक कारण अपच
अनिद्रा का एक कारण अपच भी हो सकता है। अक्सर देखा गया है शादियों के मौसम में जब दावतों की भरमार होती है, कई लोग दुल्हा-दुल्हन को दिये गये रूपयों की पूर्णतः वसूली कर लेना चाहते हैं। इसी-चक्कर में वे दो दिन का खाना एक ही टाइम में ठूंस लेते हैं। अच्छे-खासे सम्पन्न घर के लोग ऊपर तक प्लेटें भरकर जानवरों की तरह गपागप खाते भोजन पर टूट पड़ते हैं तो भला पेट भी यह जुल्म क्योंकर बर्दाश्त करेगा। वह अपना बदला उनकी नींद उड़ा कर लेता है।
जहां अत्यधिक भोजन से नुकसान है वहां एकदम खाली पेट भी नहीं होना चाहिए। खाली पेट भी नींद नहीं आयेगी। खाना खाते ही सोने से भोजन जहर बन जाता है। खाकर थोड़ा टहलना चाहिए। खाने और सोने के समय में कम से कम दो घंटे का अंतर होना चाहिए।

शोर-शराबे, तेज रोशनी से भी नींद को बैर
बहुत शोर-शराबे, तेज रोशनी से भी नींद को बैर है। नाइट लैम्प जलाकर सोयें। रोशनी जीरो वाट के बल्ब की ही ठीक रहेगी। बल्ब के ऊपर शेड लगा हो ताकि आंखों पर सीधे रोशनी न पड़े। कमरे में थोड़ी बहुत ताजी हवा की भी गुंजाइश होनी चाहिए। दमघोंटू वातावरण और हवा की कमी से भी घबराहट पैदा होती है और ऐसे में नींद आना असंभव जान पड़ता है।
एक बात और, सोने के कमरे में भयानक चित्रा वाले पोस्टर कभी न लगायें।
आजकल शेर, कुत्ते, बिल्लियों से लेकर भूत-प्रेत से दिखने वाले जीवों के बड़े-बड़े पोस्टर बाजार में मिलते हैं जिन्हेें खरीद कर लोग बगैर सोचे समझे कहीं भी टांग देते हैं। आप ऐसी भूल कदापि न करें। सुन्दर चित्रों को देखते हुए भी मीठी नींद की कल्पना की जा सकती है।
श्रम करने वालों को अनिद्रा का रोग कभी नहीं होता
शारीरिक श्रम करने वालों को अनिद्रा का रोग कभी नहीं होता। इंसान जब शारीरिक रूप से बुरी तरह थका होता है तब अपना सिर ज्यों ही तकिए पर रखता है, वह नींद की गिरफ्त में होता है लेकिन मानसिक कार्य करने वाले और दिन भर कुर्सी तोड़ने वालों के साथ अक्सर नींद न आने की समस्या रहती है। वर्जिश के अभाव में मासंपेशियां तनी रहेंगी। दिमाग तनावों से घिरा होगा। हाजमा ठीक न होगा। इंसान आलसी और काहिल बन जाएगा। ऐसे में नींद न आये तो नींद का क्या कसूर।
Health Tips : अब करें गुलाब से घरेलू उपचार, जानें कैसे
‘स्पाॅट जाॅगिंग‘
महानगरों में छोटे-छोटे मकान होते हैं जहां ज्यादा चलने-फिरने की भी गुंजाइश नहीं होती। ऐसे में ‘स्पाॅट जाॅगिंग‘ यानी एक ही जगह खड़े रहकर लेफ्ट-राइट करते रहना, की जा सकती है। वर्जिश व्यायाम के लिए कोई भी वक्त अपनी सुविधानुसार चुना जा सकता है, सिर्फ खाना खाने के एकदम बाद को छोड़कर।
Health Tips Latest : स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है गप्पें मारना, जानें कैसे
पढ़ते हुए बड़ी अच्छी नींद आ जाती है
कई लोगों को पढ़ते हुए बड़ी अच्छी नींद आ जाती है। यह एक तरह से अच्छी आदत है। बस ध्यान यह रहे कि सोने से पहले जो साहित्य पढ़ा जाए वह जासूसी या हाॅरर वाली किताब न हो। इसी तरह कई लोग संगीत लहरी में झूलते हुए मीठी नींद सोते हैं। यह भी ठीक है।
Health Tips : एक्स्ट्रा फिट रहने के लिए अच्छा साधन है होम जिम
सोने का समय निर्धारित होना चाहिए
ध्यान रहे अगर नींद नहीं आ रही है, आप करवट पर करवट बदले जा रहे हैं तो तुरंत उठ जाइए। अपनी मनपसंद का कोई आधा-अधूरा काम जो रात्रि को संभव है, लेकर बैठ जाइए। खत्म होते न होते आप नींद के आगोश में होंगे। ख्याल रहे, सोने का समय निर्धारित होना चाहिए। बचपन में याद की यह पंक्ति ‘अर्ली टू बेड एण्ड अर्ली टू राइज मेक्स ए मैन हैल्दी वेल्दी वाइज‘ सच है। जल्दी सोना, जल्दी उठना, इसी से इंसान स्वस्थ व बुद्धिमान रहता है और धन-संपदा प्राप्त कर सकता है।



