Online Fraud : ऑनलाइन सस्ता ग्रोसरी सामान खरीदने के चक्कर में गंवाए एक लाख, जाने कैसे आप बचें

Online Fraud: Lost one lakh while buying cheap groceries online

Online Fraud: Lost one lakh while buying cheap groceries online, know how to save yourself
Online Fraud: Lost one lakh while buying cheap groceries online, know how to save yourself

Online Fraud : आज के डिजिटल युग में इंटरनेट हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। जबकि यह सुविधा और कनेक्टिविटी लेकर आता हैए तो यह जोखिम भी पैदा करता हैए जिसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Fraud) एक चिंता का विषय है।

जी हां, आज हर लोगों की इच्छा होती है कि वह अपना समय बर्बाद किये बगैर सस्ते में समान ऑनलाइन खरीद लें। और हो भी क्यों न क्योंकि मंहगाई जमाना है, जितना बचत हो सके उतना अच्छा। लेकिन इसी सस्ते के चक्कर में एक व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो गया है। और अपने 1 लाख रुपये से अधिक गंवा बैठा। आइये जानते हैं कैसे।

पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कम कीमत पर किराने की वस्तुओं की पेशकश वाला विज्ञापन दिया हुआ था। उस विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद दिल्ली निवासी एक 28 वर्षीय एक व्यक्ति को कथित तौर पर 1 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। पीड़ित व्यक्ति की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 ;धोखाधड़ीद्ध के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानें कैसे हुआ धोखाधड़ी का शिकार (Online Fraud)

पीड़ित व्यक्ति ने आरोप लगाया कि विज्ञापन के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कम दाम पर कुछ किराना सामान खरीदने का लालच दिया गया था लेकिन उसे कोई सामान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने 9 सितंबर को खरीदारी की और अगले दिन 1 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

शिकायत करने वाले व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आए विज्ञापन में चावलए तेलए आटा और चीनी सहित चार वस्तुओं की खरीद पर लगभग 75 प्रतिशत की छूट की पेशकश की गई थी।

पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि पांच लीटर तेलए 10 किलोग्राम ब्रांडेड आटा, पांच किलोग्राम चावल और पांच किलोग्राम चीनी सहित चार वस्तुएं सिर्फ 500 रुपये में उपलब्ध थीं। ऑफर अच्छा था, इसलिए मैंने 9 सितंबर को 500 रुपये का भुगतान कर खरीदारी की लेकिन मुझे कोई वस्तु नहीं मिली। शिकायतकर्ता ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए यह बातें एक समाचार एजेंसी को बताई।

उसने पुलिस दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि 9 सितंबर को मैंने खरीदारी की और 10 सितंबर को मेरे बैंक खाते से 1,19,900 रुपये काट लिए गए। उसका कहना था कि उसे अलग.अलग लेनदेन के तीन संदेश मिले जो उसने नहीं किए। बाद में उसने अपने बैंक में मामला दर्ज कराया और अपना डेबिट कार्ड ब्लॉक करवाया।

पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि जब मैंने कंपनी के अधिकारियों को भी फोन किया जिसने मेरे खाते से राशि डेबिट की तो उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि 19 सितंबर तक 40ए000 रुपये मेरे खाते में वापस जमा कर दिए जाएंगे।

इस समाचार का मकसद सिर्फ इतना है ऑनलाइन खरीदारी करते वक्त हमेशा सचेत रहें।

कितने प्रकार के होते हैं ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Fraud)

  1. फिशिंग हमले (Phishing Attacks): साइबर अपराधी वास्तविक एंटिटी का दिखाव करके व्यक्तिगत जानकारी प्रकट करने के लिए लोगों को धोखा देते हैं।
  2. आईडेंटिटी चोरी (Identity Theft): अपराधी व्यक्तिगत जानकारी चुराते हैं ताकि वे फर्जी गतिविधियों को जरूरी जानकारी के रूप में प्रयुक्त कर सकें।
  3. ऑनलाइन खरीददारी धोखाधड़ी (Online Shopping Scams): फर्जी ऑनलाइन स्टोर्स ग्राहकों को आकर्षक सौदों के साथ लुभाते हैं, लेकिन खरीदी गई चीजों को कभी नहीं पहुँचाते हैं।
  4. अडवांस फी धोखाधड़ी (Advance Fee Fraud): धोखाधड़ीकर्ता भविष्य के लाभ के वादे के साथ पूर्वक भुगतान की मांग करते हैं, लेकिन एक बार पैसे मिलने पर वे गायब हो जाते हैं।
  5. ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी (Online Investment Scams): व्यक्तिगत कोई व्यक्तियों को धोखाधड़ी में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जो उन्हें उच्च लाभ का वादा करते हैं, लेकिन वित्तीय हानि में अंत में परिणत हो जाते हैं।

Success Tips : कैसा हो काम करने का सही तरीका ताकि आप कभी न हों असफल?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’s)

Question : अगर मैं Online Fraud का शिकार हो जाता हूँ, तो मैं क्या करूँ?

Answer: अपने बैंक से संपर्क करें, अपने पासवर्ड बदलें, और घटना को कानूनी अधिकारियों को सूचित करें।

Question : क्या सभी ऑनलाइन खरीददारी के डील बिल्कुल सही हैं?

Answer: आवश्यक नहीं, लेकिन ऐसे प्रस्तावों से सतर्क रहें जो अविश्वसनीय लगते हैं। हमेशा विक्रेता की प्रतिष्ठा की जांच करें।

Questionमैं वेबसाइट की प्रामाणिकता की कैसे पुष्टि कर सकता हूँ?

Answer: URL में HTTPS की जाँच करें, संपर्क जानकारी की खोज करें, और ऑनलाइन समीक्षा और रेटिंग पढ़ें।

Question : क्या सार्वजनिक Wi-Fi ऑनलाइन लेन-देन के लिए सुरक्षित है?

Answer: सुरक्षित लेन-देन के लिए सार्वजनिक Wi-Fi से बचाव करना बेहतर है। अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का उपयोग करें।

Question : क्या सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन धोखाधड़ी हो सकती है?

Answer: हाँ, अज्ञात प्रोफ़ाइलों के बिना उपयोगकर्ताओं के लिए असमर्थ संदेशों या दोस्ती के अनुरोधों से सतर्क रहें और जानकारी को अज्ञात प्रोफ़ाइलों के साथ साझा करने से बचें।

R. Singh

Name: Rajesh Kumar Gender: Male Years Of Experience: 15 Years Field Of Expertise: Politics, Culture, Rural Issues, Current Affairs, Health, ETC Qualification: Diploma In Journalism

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button