Health Tips for Fertility : उम्र का संतानोत्पत्ति पर प्रभाव

Health Tips for Fertility: Effect of age on fertility

Health Tips for Fertility: Effect of age on fertility
Health Tips for Fertility: Effect of age on fertility

Health Tips for Fertility : वर्तमान समय में कई ऐसे कारण मौजूद हैं जो स्त्री-पुरूष की संतानोत्पत्ति की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। इसमें एक कारण अधिक उम्र में संतान की चाहत है। उच्च शिक्षा या अच्छी नौकरी की चाहत में आजकल स्त्राी-पुरूष अधिक उम्र में विवाह कर रहे हैं अथवा संतान को आगे के लिए टालते मौज-मस्ती में डूबे रहते हैं जिसके चलते संतान पाने का सही समय हाथों से निकल जाता है। उम्र के बढ़ने के साथ दोनों की क्षमता में कमी आ जाती है। इस वैज्ञानिक सत्य को वे नजरअंदाज कर चूक जाते हैं।

संतान के लिए सही समय (Right time to have a Child)

संतान पाने के लिए गर्भधारण का सही समय 20 से 35 वर्ष की आयु है। इस दौरान दोनों में क्रमशः अण्डाणु एवं शुक्राणु उत्सर्जन की क्षमता पर्याप्त होती है। बीस वर्ष के पूर्व शरीर निर्बल होता है। उसका विकास अपूर्ण रहता है एवं अण्डाणु शुक्राणु निर्बल होते हैं जबकि 20 से 35 वर्ष की दोनों की आयु हर दृष्टि से संतानोत्पत्ति के लिए उपयुक्त होती है।

संतान का सही लालन-पालन

तैंतीस वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते, अण्डाणु शुक्राणु की संख्या में कमी हो जाती है एवं वे निर्बल हो जाते हैं। आगे ऐसी स्थिति आ जाती है जब चिकित्सा जगत के तकनीकी उपायों में सफलता की संभावनाओं में भी कमी आ जाती है। अतएव 20 से 35 वर्ष की आयु के दौरान गर्भधारण एवं संतान प्राप्ति से न सिर्फ संतान स्वस्थ रहेगी अपितु उसका सही लालन-पालन हो पाएगा अन्यथा बहुत कुछ असंगत हो जाएगा जैसे मां-बाप के बुढ़ापे तक संतान की पढ़ाई पूरी नहीं हो पायेगी।

संतान प्राप्ति के मार्ग में अन्य बाधाएं (Effect of age on fertility)

प्रदूषण का कुप्रभाव:-

धूल, धुएं, गैस, रसायन, शोर, मोबाइल, रिमोट आदि मिलकर स्त्राी-पुरूष में अण्डाणुओं एवं शुक्राणुओं की मात्रा एवं उनकी क्षमता को प्रभावित कर उन्हें निर्बल बना रहे हैं। आरामपसंद जिंदगी, श्रम में कमी, शरीर में आक्सीजन की कमी सभी निसेचन दर को प्रभावित कर रहे हैं। बढ़ती उम्र के साथ इसका कुप्रभाव और बढ़ जाता है।

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धूम्रपान, मदिरापान और नशापान का कुप्रभाव:-

सभी प्रकार के नशीले पदार्थों का उपयोग स्त्राी-पुरूष दोनों में बढ़ गया है। धूम्रपान, मदिरापान तो आम बात है। अब इनमें नशीले पदार्थों का उपयोग भी बढ़ गया है जो गर्भधारण की पूर्ण प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।

दवाओं का कुप्रभाव:-

कई बीमारियों व अन्यान्य कारणों से भांति-भांति की दवाओं का उपयोग बढ़ गया है जो स्त्राी-पुरूष दोनों के अण्डाणुओं एवं शुक्राणुओं को कुप्रभावित कर रहे हैं जिसके कारण गर्भधारण नहीं हो पाता है। गर्भवती होने से रोकने के लिए ली जाने वाली गोलियां एवं गर्भरोधी आपाती गोलियां नारी के अण्डाणुओं तथा गर्भाशय पर प्रभाव डाल रही हैं जिसके चलते आगे उसे गर्भधारण में दिक्कत होती है।

Health Tips for Fertility: Effect of age on fertility
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संतानोत्पत्ति की क्षमता बनाए रखने के उपायः- (Health Tips for Fertility)

  • 20 से 35 वर्ष की आयु के दौरान संतान प्राप्त करने के प्रयास करें।
  • अनावश्यक कोई भी दवा न लें। हर दवा का अपना साइड इफेक्ट होता है।
  • धूम्रपान, मदिरापान या किसी भी नशे से दूर रहें।
  • प्रदूषण से बचने के उपाय करें। मोबाइल व रिमोट का कम उपयोग करें।
  • स्वस्थ व सुडौल रहें। खानपान स्वस्थ व पौष्टिक हो। श्रम, व्यायाम को महत्त्व दें।
  • फास्ट फूड व जंक फूड से बचें। डायटिंग चिकित्सक के मार्ग दर्शन में करें।
  • मासिक चक्र के सातवें से सत्राहवें दिन तक का समय गर्भधारण के लिए सर्वोपयुक्त होता है। लगातार असफलता मिलने पर चिकित्सक से मिलें।

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R. Singh

Name: Rajesh Kumar Gender: Male Years Of Experience: 15 Years Field Of Expertise: Politics, Culture, Rural Issues, Current Affairs, Health, ETC Qualification: Diploma In Journalism

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