MP Govt Cabinet Meeting : यहां जानें किन-किन अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर
MP Govt Cabinet Meeting: Know here which important proposals were approved

MP Govt Cabinet Meeting : विदित हो कि मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक आज मंगलवार को आहुत हुई। इस बैठक में CM मोहन यादव सरकार के कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक समाप्त होने के बाद मीडिया को सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सभी फैसलों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। आईये जानते हैं किन-किन फैसलों पर मुहर लगी है।
ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की योजना
मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की योजना बनाई गई है। इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार 40 प्रतिशत तक अनुदान देने की योजना बना रही है। खासकर, 10 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाले उद्योगपतियों को 1.3 गुना तक अनुदान का लाभ मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्योगपतियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जिसके तहत इन वर्गों को 48 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जबकि महिलाओं के लिए यह प्रोत्साहन 52 प्रतिशत तक रहेगा। इस नीति का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई उद्योगों में इन वर्गों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें आगे बढ़ने का एक मजबूत मंच प्रदान करना है।
प्रदेश में कई विकासखंड ऐसे हैं, जहां अभी तक उद्योग स्थापित नहीं हो पाए हैं। सरकार का संकल्प है कि इन क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जाए।

ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना
ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना जल संकट को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 273 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण किया जाएगा, जिससे लगभग 11.76 मिलियन क्यूबिक मीटर जल भूमिगत स्तर को पुनर्जीवित करने के लिए प्रवाहित किया जाएगा।
यह परियोजना बुरहानपुर और खंडवा जिलों के 1,23,000 हेक्टेयर क्षेत्र में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है। इसके माध्यम से राज्य के कृषि परिदृश्य में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद की जा रही है, साथ ही जल स्रोतों और भूमिगत जल स्तर में भी सकारात्मक बदलाव की संभावना है।
खंडवा जिले के कई किसानों के लिए यह योजना एक वरदान साबित हो सकती है, खासकर उन किसानों के लिए जो लगातार जल संकट का सामना कर रहे हैं। यह परियोजना उनके लिए स्थायी समाधान प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
एमएसएमई (MSME) के लिए आवंटन नीति को मिली मंजूरी
सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए अविकसित भूमि आवंटन नीति को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत योग्य उद्यमियों, मध्यम श्रेणी के व्यवसायों और विशेष परिस्थितियों में आने वाले औद्योगिक उपक्रमों को भूमि आवंटित की जाएगी।
यदि कोई औद्योगिक संगठन किसी क्षेत्र के संरक्षण की जिम्मेदारी लेना चाहता है, तो सरकार उन्हें इस कार्य के लिए अधिकृत करेगी और आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता भी प्रदान करेगी। इस योजना के अंतर्गत उद्यमियों को 50 प्रतिशत स्थायी पूंजी निवेश पूरा करने पर ही भूमि आवंटन की सुविधा मिलेगी।
भूमि की कमी की स्थिति में उद्यमियों को फ्लैट्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि औद्योगिक विकास में कोई रुकावट न आए। भूमि आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की जाएगी।
इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति 2025: संगठित विकास की नई दिशा
अब तक टाउनशिप विकसित करने का कार्य केवल बिल्डर्स और कॉलोनाइज़र्स तक सीमित था, लेकिन इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति 2025 के तहत समूहों को भी यह अधिकार दिया गया है। इस नीति के अनुसार, यदि किसान सामूहिक रूप से एक एकड़ भूमि पर टाउनशिप विकसित करना चाहते हैं, तो सरकार इस पहल में उनका सहयोग करेगी।
इस नीति का मुख्य उद्देश्य नियोजित विकास को बढ़ावा देना और निवेश को आकर्षित करना है। इसके साथ ही, किफायती आवास परियोजनाओं को विशेष सब्सिडी दी जाएगी, ताकि आम लोगों को किफायती दरों पर घर मिल सकें। लैंड पुलिंग मॉडल के माध्यम से सार्वजनिक और निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे संगठित और सुव्यवस्थित शहरीकरण को गति मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, जिला और राज्य स्तर पर अधिकार समितियों का गठन किया जाएगा, जो टाउनशिप परियोजनाओं को मंजूरी देंगी। पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए, आवेदन जमा करने के 60 दिनों के भीतर अनुमति देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस नीति से सुनियोजित नगरीकरण को बढ़ावा मिलेगा और नए शहरों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।

नगर विमानन नीति
टूरिज्म को बढ़ावा देने और धार्मिक यात्रा को प्रोत्साहित करने के लिए नगर विमानन नीति बनाई गई है। इसके अंतर्गत हर 150 किमी की दूरी पर एक एयरपोर्ट स्थापित किया जाएगा। साथ ही, 45 किमी की परिधि में हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। यह पहल धार्मिक और पर्यटन केंद्रों को जोड़ने के साथ-साथ नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगी। पायलट प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार किया जाएगा, और एयर कार्गो सेवा में वृद्धि होगी, जिससे वाणिज्यिक गतिविधियों में भी नयापन आएगा।
इलेक्ट्रिक सिटी का आगाज़: नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम
नवीन युग की ओर बढ़ते हुए, हमने एक अभिनव इलेक्ट्रिक सिटी मॉडल विकसित करने का निर्णय लिया है, जिसे भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों में लागू किया जाएगा। इस परियोजना के तहत, इन नगरों में इलेक्ट्रिक वाहनों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
इस योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण पर विशेष रियायतें दी जाएंगी—जहां दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को 40% की छूट मिलेगी, वहीं तीन पहिया वाहनों को 80%, चार पहिया वाहनों के लिए 15% और इलेक्ट्रिक बसों के लिए 40% तक की छूट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के इलेक्ट्रिक वाहनों को विशिष्ट पहचान देने के लिए पीली नंबर प्लेट उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। खासकर, यदि चार्जिंग स्टेशन महिलाओं या दिव्यांगजनों द्वारा स्थापित किए जाते हैं, तो उन्हें सरकार से विशेष आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर 20 किलोमीटर की दूरी पर कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन हो, और राजमार्गों पर हर 100 किलोमीटर पर एक फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाए।
यह नीति सरकार द्वारा अगले पाँच वर्षों तक लागू रहेगी। चार्जिंग अवसंरचना के विकास के लिए शासन अलग से वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, ताकि इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को सुविधाएं मिल सकें और भारत में इलेक्ट्रिक गतिशीलता को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया जा सके।
व्यू अशोका होटल को अब PPP के आधार पर सौंपने का निर्णय
भोपाल स्थित लेक व्यू अशोका होटल को अब जन-निजी भागीदारी (PPP) के आधार पर सौंपने का निर्णय लिया गया है। इस नए कदम से सरकार को प्रतिवर्ष दस करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद जताई जा रही है। होटल के संचालन के लिए कुछ विशेष शर्तें निर्धारित की गई हैं, जिनमें 100 सीटों वाला एक बड़ा सम्मेलन हॉल और आधुनिक कमरों का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही, यहाँ एक प्रतिष्ठित ब्रांड होटल स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इस फैसले के तहत, प्रदर्शनी के आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा, और होटल को प्रदेश की कला एवं संस्कृति की पहचान को बढ़ावा देने वाला माना जाएगा।
स्टार्टअप नीति को मंजूरी
कैबिनेट ने स्टार्टअप नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मेगा इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में 5,000 स्टार्टअप सक्रिय हैं, और इन्हें आने वाले वर्षों में 10,000 स्टार्टअप तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, अत्याधुनिक इन्क्यूबेशन सेंटर बनाए जाएंगे, जो नए उद्यमियों को आवश्यक संसाधन और सहयोग प्रदान करेंगे।
इस नीति के अंतर्गत वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे स्टार्टअप्स को निवेश प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए बाजार तक पहुंच, ऋण सहायता, हैकथॉन, रोजगार सृजन सहयोग, कौशल विकास, संस्थागत सहयोग, अधोसंरचना सहायता, और नवाचार को बढ़ावा देने के उपाय किए जाएंगे।
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इसके अतिरिक्त, एक स्टार्टअप सलाहकार परिषद का गठन किया जाएगा, जो नए और स्थापित स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन प्रदान करेगी और उनके सतत विकास को सुनिश्चित करेगी। इस पहल के माध्यम से, राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
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