Indore BRTS Corridor : भोपाल के बाद अब इंदौर में हटेगा बीआरटीएस कॉरिडोर, बनाने में खर्च हुए थे 300 करोड़

Indore BRTS Corridor: After Bhopal, now BRTS corridor will be removed from Indore, 300 crores were spent in building it.

Indore BRTS Corridor will be removed
Indore BRTS Corridor will be removed

Indore BRTS Corridor : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बाद, अब इंदौर में बीआरटीएस प्रणाली (कॉरिडोर) को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस मामले में उच्च न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया है। पिछले कुछ महीनों में मुख्यमंत्री डॉ. सीएम मोहन यादव ने सार्वजनिक रूप से बीआरटीएस को हटाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि यह व्यवस्था नागरिकों के लिए असुविधा का कारण बन रही है। अब सरकार न्यायालय के समक्ष अपनी दलील पेश करेगी।

बीआरटीएस कॉरिडोर नगर के केंद्र में स्थित है। इसी मार्ग पर छात्रों के कोचिंग संस्थान, नौकरीपेशा लोगों के कार्यालय और चिकित्सालय मौजूद हैं, जिसके कारण प्रतिदिन हजारों यात्री आई-बस की सेवाओं का उपयोग करते हैं।

निर्णय पर महापौर की प्रतिक्रिया

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किए गए वादे को पूरा किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि बीआरटीएस हटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। भार्गव ने बताया कि इस निर्णय से इंदौर में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी। नए पुलों के निर्माण और सड़कों के विस्तार से आवागमन में आसानी होगी। महापौर ने आगे कहा कि जल्द ही बीआरटीएस को हटाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

Indore BRTS Corridor के निर्माण की लागत 300 करोड़

इंदौर में बीआरटीएस कॉरिडोर का निर्माण लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इस समर्पित बस लेन में 12 स्टेशन बनाए गए हैं। इस परियोजना को जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन (JNNURM) के तहत वित्तीय सहायता मिली थी। हालांकि, बसों के लिए विशेष लेन बनाने के निर्णय का कुछ लोगों ने विरोध भी किया था।

हाई कोर्ट द्वारा वर्तमान परिस्थितियों में बीआरटीएस परियोजना की प्रासंगिकता और व्यवहारिकता का गहन परीक्षण करने के लिए पाँच सदस्यीय समिति के गठन के निर्देश दिया गया था। इस समिति में वरिष्ठ वकील अमित अग्रवाल के साथ-साथ, आईआईएम और आईआईटी के निदेशकों द्वारा नियुक्त विशिष्ट विशेषज्ञ भी शामिल थे।

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यह ध्यान देने योग्य है कि हाई कोर्ट ने वर्ष 2013 में भी इसी उद्देश्य से एक समिति का गठन किया थाए जिसने बीआरटीएस की उपयोगिता और व्यवहारिकता की समीक्षा की थी।

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R. Singh

Name: Rajesh Kumar Gender: Male Years Of Experience: 15 Years Field Of Expertise: Politics, Culture, Rural Issues, Current Affairs, Health, ETC Qualification: Diploma In Journalism

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