आज के समय में खांसी किसी को भी कभी भी हो सकती है। साधारण खांसी व्यक्ति को उतना परेशान नहीं करती जितना कि तेज व लगातार होने वाली खांसी से व्यक्ति हलकान हो जाता है।
लगातार होने वाली खांसी में चाकलेट तेज दवा का काम करता है। वास्तव में देखा जाए तो चाकलेट में कोको मिली होती है।
और कोको में थियोब्रोमिन नामक तत्व होता है जो किसी भी तरह की खांसी को रोकने में प्रयुक्त आम दवाओं की तुलना में तीन गुना तीव्र तेज असरकारक होता है।
खांसी एवं हृदय रोग में लाभदायी चाकलेट दांतों के लिए नुक्सानदायक भी है। अतएव सावधानी के साथ सीमित मात्रा में चाकलेट खाएं एवं हृदय व खांसी जैसे रोगों में वांछित लाभ पाएं।
जब भी आप चॉकलेट खाएं तो उसके बाद पानी न पीएं। पानी पीने से वह परत हट जाएगी और खांसी से फायदा नहीं मिलेगा। जब भी चॉकलेट खाएं केवल मुंह को धो लें ताकि दांत खराब न हों।
एक शोध से पता चला है कि डार्क चॉकलेट खाने से दो दिन में पुरानी खांसी पर भी तेजी से असर होता है। इसके लिए जब भी लगातार खांसी आए तो आप चॉकलेट के दो पीस खा लें।
रात को खास कर सोते समय डार्क चॉकलेट के दो पीस को खाएं और मुंह धो कर सो जाएं। ये खांसी के लिए बेहतर दवा की तरह से काम करेगा।