Misuse of AI : सरकार एआई के गलत इस्तेमाल के खिलाफ ला रही है नया नियम
The government is bringing a new rule against the Misuse of AI

Misuse of AI : कई बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जिसे हम एआई कहते हैं, के जरिए बनाए जा रहे नकली वीडियो और तस्वीरें समस्याएं खड़ी कर देती हैं। भारत सरकार ने इनसे निपटने के लिए कदम उठाने का निर्णय लिया है। सरकार एआई द्वारा निर्मित कंटेंट पर वॉटरमार्क लगवाने की योजना बना रही है।
डीपफेक वीडियो बनाने वालों को रोकने में मिलेगी मदद
इससे डीपफेक वीडियो और फोटो बनाने वालों को रोकने में मदद मिलेगी। एक रिपोर्ट की माने तो एआई कंटेंट पर वॉटरमार्क लगवाने के लिए ड्राफ्ट नियम तैयार किए गए हैं। इन नियमों के तहत एआई कंटेंट पर लेबल लगाना अनिवार्य होगा।
Misuse of AI : नियमों का ड्राफ्ट तैयार
ईटी टेलिकॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और इंडिया एआई मिशन के सीईओ अभिषेक सिंह ने बताया है कि एआई कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने के लिए नियमों का एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए आवश्यक है क्योंकि एआई का गलत इस्तेमाल करके साइबर अपराध किए जा रहे हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार ऐसे एआई वीडियो जो कानून व्यवस्था को खतरे में डाल सकते हैं, समाज में अशांति फैला सकते हैं या बच्चों के यौन शोषण से जुड़े हो सकते हैं, उन्हें रोकने में मदद मिलेगी। यदि पहले से पता चल सके कि वीडियो एआई द्वारा बनाया गया है, तो लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जा सकेगा।
लोगों की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एआई का गलत इस्तेमाल करके लोगों की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। रश्मिका मंदाना का एआई वीडियो हो या आलिया भट्ट का फेक वीडियोए एआई से बने वीडियो में असली और नकली के बीच का फर्क पहचानना मुश्किल हो जाता है। अब इस पर नियंत्रण पाने की तैयारी की जा रही है।
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नए नियम कब लागू होंगे?
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार नए संशोधित दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। नए फ्रेमवर्क को जल्द ही पेश करने की योजना बनाई गई है।



