Vastu Tips : स्वस्थ जीवन के लिए वास्तुशास्त्र के 13 उपाय

Vastu Tips: 13 Vastu Shastra Tips for a Healthy Life

Vastu Tips: 13 Vastu Shastra Tips for a Healthy Life
Vastu Tips: 13 Vastu Shastra Tips for a Healthy Life

Vastu Tips : एक कहावत जगजाहिर है कि स्वस्थ दिमाग का निवास हमेशा स्वस्थ शरीर में ही होता है। अगर आप इसके लिए अपनी जीवन शैली में सुधार लाने के साथ-साथ वास्तुशास्त्र के कुछ नियमों का भी खयाल रखेंगे तो यकिन मानिये आपके परिवार में स्वास्थ्यप्रद वातावरण का निवास होगा। तो चलिए जानते है उन 13 वास्तु टिप्स के बारे में।

रसोईघर (किचन) में अपने चुल्हे या गैस चुल्हे को इस प्रकार रखें कि खाना बनाते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर रहे। यदि गृहिणी का मुख खाना बनाते समय उत्तर दिशा रहता है तो वह सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस एवं थायरॉइड से प्रभावित हो सकती है।

दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके भोजन नहीं बनाना चाहिए। इसका गृहिणी के शारीरिक.मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पश्चिम दिशा में मुंह करके खाना बनाने से भी बचें। इससे आंखए नाकए कान एवं गले से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।

इस बात पर ध्यान दें कि भोजन करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में रहे। यह आपके सेहत को अच्छा बनाये रखताहै। दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके भोजन करने से बचें क्योंकि इससे पाचन तंत्र से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं।

अगर आप टीवी देखते हुए खाना खाते हैं तो यह न करें। क्योंकि ऐसा करने पर मन-मस्तिष्क भोजन पर केंद्रित न होकर टीवी पर दर्शाये जा रहे माहौल के साथ भटकने लगता है। जो शरीर को संतुलित मात्रा में भोजन नहीं मिल पाने का बाधक बन जाता है।

उगते सूरज की किरणें अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होती हैं। इसलिए सुबह उठकर अगर पूर्व दिशा में खिड़कियां है तो सारी खिड़कियां खोल दें। इससे आपके पूरे घर के बैक्टीरिया एवं विषाणु नष्ट हो जायेंगे।

याद रखें दोपहर बाद सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणों से निकलने वाली ऊर्जा तरंगें आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदेह हो सकता है। इनसे बचने के लिए सुबह ग्यारह बजे के बाद घर की दक्षिण दिशा स्थित खिड़कियों और दरवाजों पर भारी पर्दे डाल कर रखें। क्योंकि ये किरणें त्वचा एवं कोशिकाओं को क्षति पहुंचाती हैं।

गर्भवती स्त्रियों को हमेशा दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थित कमरे का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसी अवस्था में पूर्वोत्तर दिशा या ईशान कोण में बेडरूम नहीं होना चाहिए। इसके कारण गर्भाशय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। घर के पूर्व एवं पूर्वोत्तर के कमरे नवजात शिशुओं के लिएसर्वश्रेष्ठ होते हैं। बच्चे का सिर सोते समय पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।

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सिरदर्द और अनिद्रा जैसी समस्याएं से बचने के लिए रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सिर कभी भी उत्तर एवं पैर दक्षिण दिशा में न हो। अगर आप हाई ब्लडप्रेशर के मरीज है तो आपको दक्षिण.पूर्व में बेडरूम बनाने से बचने की जरूरत है। क्योंकि यह दिशा अग्नि से प्रभावित होती है जिसके फलस्वरूप यहां रहने से ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है।

इस बात का खास ख्याल रखें कि बेडरूम हमेशा खुला और हवादार होना चाहिए। ऐसा नहीं होने से व्यक्ति को मानसिक तनाव एवं नर्वस सिस्टम से संबंधित बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।

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अगर आपके घरों के दीवारों पर सीलन है तो यह वास्तुशास्त्र की नजर में नकारात्मक स्थिति मानी जाती है। ऐसे स्थान पर लंबे समय तक रहने से बचें अन्यथा आपकोश्वास एवं त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

अगर आपके परिवार में बुजुर्ग हैं तो उन्हें हमेशा दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थित कमरे में रहना चाहिए। इस दिशा में रहने से उनकातन.मन स्वस्थ रहता है।

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रात को सोते समय इस बात का हमेशा ध्यान रखें बेड के बिलकुल पास मोबाइलए स्टेवलाइजरए कंप्यूटर या टीवी आदि न हो। क्योंकि विद्युत-चुंबकीय तरंगें नकलती है जो मस्तिष्कए रक्त एवं हृदय संबंधी रोगों का कारण बन सकती हैं।

पुरानी और बेकार वस्तुओं का बेडरूम में संग्रह करने से बचें। क्योंकि यह वातावरण में नकारात्मकता लेकर आता है। ऐसे चीजों से टायफॉयड और मलेरिया जैसी बीमारियों के वायरस भी जन्म लेने का खतरा बना रहता है।

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R. Singh

Name: Rajesh Kumar Gender: Male Years Of Experience: 15 Years Field Of Expertise: Politics, Culture, Rural Issues, Current Affairs, Health, ETC Qualification: Diploma In Journalism

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