Home / आलेख / राहुल गांधी गली-गली घूम रहे हैं…!

राहुल गांधी गली-गली घूम रहे हैं…!

राहुल गांधी अब तो गली मोहल्लों में घूमकर कांग्रेस की उखड़ी  जमीन को फिर से जमाने पर गम्भीरता से तुले हैं, जिसके अच्छे परिणाम भी आने की कुछ उम्मीद दिखाई देती है। आम आवाम में कांग्रेस के गांधी, नेहरू, पटेल, कामराज आदि की छवि अभी भी बरकरार है। बीच में 80 के दशक में जरूर कांग्रेस आलाकमान ने हवाई जहाज को हायजैक करने वाले भोला पाण्डे जैसे युवकों न बढ़ाया होता और उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, बिहार आदि में दलित मुस्लिमों को वोट लेकर उनको दरकिनार न किया होता तो कांग्रेस की इतनी फजीहतें न होतीं।
कांग्रेस में एक दौर में तो देश के बड़े सामंतों को सत्ता सौंप दिया जाना भी जल्दबाजी भरा कदम कहा जाता है क्योंकि इन सामंतों में से ज्यादातर ने कांग्रेस के गांधीवादी विचारों को ही खत्म कर दिया। महज उनकी मूर्तियां भर बना दी गईं। उनके नामों पर देश भर के आधे से भी ज्यादा शहरों में रोड बना दिये गये पर हम लोग उनके विचारों को नहीं अपना पाये। खासतौर से गांधी के नाम पर सत्तानशीन लोगों ने उन्हें कुर्सी पाते ही भुला दिया। उनके विचार आचार्य नीतियां सबके सब कांग्रेसी भूल गये या कहें भुला दिये गये, जिसका परिणाम रहा विचार शून्यता के चलते संघ परिवार ने अपनी विचार धारा फैलानी शुरू कर दी सत्ता के लिये, फायदे के लिये सब तरफ से कांग्रेसी यहां वहां हो गये। अर्जुन सिंह ने राजीव गांधी के दौर में कुछ अवसरवादियों के खिलाफ अभियान भी चलाया पर वो आगे जारी नहीं रह पाया वरना कमलापति त्रिपाठियों, नारायणदत्त तिवारियों व जगन्नाथ मिश्राओं ने कांग्रेस का खूब दोहन कर अपना भला किया। अपने नातेदारों रिश्तेदारों को सत्ता की चाशनी से नवाजा पर असली वोट बैंक जो कांग्रेस का था दलित, मुस्लिम उसे मुलायम सिंह यादवों व लालू प्रसाद यादवों के पास जाने को मजबूर कर दिया।
आज कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई जरूर लड़ रही है पर राहुल गांधी उसे बिखरने से जरूर बचा ले जायेंगे ऐसा लग रहा है। जनार्दन द्विवेदी जैसे चमचों व चालबाजों से भी उन्होंने मुक्ति पा ली है। राहुल बाबा के धीरे-धीरे कुछ अच्छे सलाहकार बनते जा रहे हैं जिससे कांग्रेस को ऊर्जा मिलती देखी जा रही है। इस पार्टी को विचारवान बनाना पड़ेगा जो इसने खो दिया है। नौजवानों को अपनी बात उनके दिलों तक पहुंचानी पड़ेगी। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, झूठे वादे करने वालों के खिलाफ राफेल विमानों की खरीद का मुद्दा जैसा राहुल बाबा ने उठाया है वो एक अच्छी पहल है। उनकी भाषण शैली व ऊर्जा पूर्ण कार्य शैली भी जनता में लोकप्रिय होती जा रही है। कांग्रेस को अपने परम्परावादी वोटों को मध्य प्रदेश में कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य के माध्यम से अपनी तरफ खींचने में काफी सफलतायें मिलती देखी जाती हैं। यहां मध्य प्रदेश में 5 सालों के 60 माह में से मात्र 5-6 माहों में गरीबों की बातें जरूर होती दिखाई दे रही हैं पर बाकी साढ़े चार सालों में सत्ता पार्टी खनिज लूट कराकर अपने नेता व कार्यकत्र्ता की जेबें भरवाने का काम करती देखी हैं।
पुलिस थाने नीलाम
पुलिस थाने व तहसीलें नीलाम होते देखे जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में स्कूलों के हालात व सरकारी अस्पतालों को खुद वजीर लोग उजाड़ रहे हैं। अ.जा.क. व महिला थानों के हालात भी खराब से भी खराब हैं। अ.जा.क. थानों में पूरे प्रदेश भर में नगर निरीक्षक व उपनिरीक्षक तक सरकार पदस्थ नहीं कर पायी है। जहां-जहां पुलिस अफसरान अच्छा काम करते दिखाई देते हैं उन्हें सियासतदां हटा देते हैं। पुलिस, महिला बाल विकास, राजस्व आदि मेहकमे अपनी पहचान खो चुके हैं। स्मार्ट सिटी बनाई गईं बड़े शहरों में आम सड़कों के गड्ढे तक नगर निगम व निकाय नहीं भरा सके थे। मीडिया रिपोर्टों व हायकोर्ट की फटकारों से कहीं कहीं कुछ काम जरूर हो जाता है पर 80 फीसद जनता कष्ट भोगने के लिये मजबूर दिखाई देती है।
मध्य प्रदेश में सीवर लाइनों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों की सड़कों, स्कूलों के भवनों आदि के मामलों में विभागों की लापरवाहियों, भ्रष्टाचारों के खिलाफ आम लोगों को हायकोर्ट में जाना पड़ रहा है। आये दिन माननीय हायकोर्ट की फटकारों के चलते आला अफसरों को न्यायालय में देखा जा रहा है। ग्वालियर महानगर एक बड़ा पर्यटन केन्द्र जहां ग्वालियर फोर्ट एक बड़ा देश दुनिया का स्मारक है। यहां जाने के आम रास्ते मात्र दो किलोमीटर शिन्दे की छावनी से ग्वालियर फोर्ट तक 100 से भी ज्यादा जगह पर सड़कों में गड्ढे हैं जहां से हजारों विदेशी पर्यटकों को यहां से निकलना पड़ता है। नगर निगम व स्मार्ट सिटी कम्पनी इस तरफ ध्यान नहीं दे पा रही हैं। इस इलाके में जब 7 मंत्री और एक केन्द्रीय मंत्री हैं फिर भी उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य व नगरी निकाय के हालात खराब हैं। इस बार इन सबका लाभ कांग्रेस पार्टी को जरूर मिल सकता है। इस क्षेत्र में राहुल गांधी के तीन दिवसीय दौरे से भी कांग्रेसियों का मनोबल बढ़ता देखा जा रहा है। भा.ज.पा. से रूठे व यहां प्रताड़ित नेता राहुल के सामने कांग्रेस पार्टी में भी आ रहे हैं।
नईम कुरेशी
9893233669

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *